शादी से पहले की आपकी एक गलती के कारण होता है आने वाली संतान को थैलेसेमिया

थैलेसेमिया

नमस्कार दोस्तों सेहत सुंदर में आपलोगों का फिर से एक बार स्वागत है। आज हम अपने इस आर्टिकल में आपलोगों को थैलेसेमिया से जुड़ी कुछ जरूरी बातें बताने जा रहे हैं। आर्टिकल ज्यादा बड़ा न हो जाए और आपको उबन न हो इसलिए इस पूरी जानकारी को कई भागों में प्रकाशित किया जा रहा है। तो चलिए शुरू करते हैं।

दोस्तों शादी तो स्वाभाविक बात है, अगर आप स्वस्थ हैं और सामाजिक रूप से बेहतर हैं तो। और शादी से पहले लगभग सभी लोग बहुत सारी जरूरी बातों की जानकारी लेने की कोशिश करते हैं, सब सही हो तब जाकर ही विवाह सम्पन्न होता है। लेकिन वर्तमान प्रदूषण और खान-पान इत्यादि इत्यादि में हेर-फेर के कारण आपको शादी से पहले अपने जीवन साथी का थैलेसेमिया टेस्ट करवाना जरूरी हो गया है। यह टेस्ट करवाना इसलिए जरूरी होता है क्योंकि अगर स्त्री-पुरुष में से कोई भी एक थैलेसेमिया का वाहक है तो चिंता की बात नहीं होती, लेकिन अगर दोनों ही वाहक हो जाए तो आने वाली संतानों को बीमारी होती है। मेडिकल की भाषा अगर कहें तो जब आप टेस्ट करवाएँगे तो आपके टेस्ट रिजल्ट में थैलेसेमिया पॉज़िटिव या नेगेटिव आएगा। अगर स्त्री-पुरुष में से किसी एक में यह नेगेटिव है तो चिंता की कोई बात नहीं। लेकिन अगर दोनों का पॉज़िटिव रिजल्ट आए तो दोनों का शादी न करना ही सही होगा। क्योंकि अगर दोनों का रिजल्ट पोसिटिव हुआ तो बच्चे में थैलेसेमिया की बीमारी होगी ही। इस आर्टिकल में बस इतना ही, अपने अगले आर्टिकल में हम आपको बताएँगे कि आखिर यह थैलेसेमिया होता क्या है। तो अधिक जानने के लिए हमारा दुसरा आर्टिकल जरूर पढ़ें।

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